गठिया – जोड़ो का दर्द के लिए अमृत सामान औषिधि।

इस योग से गठिया का वह रोगी जिसने खाट पकड़ ली हो वह भी स्वस्थ हो जाता है। कमर-दर्द, हाथ पावं जंघाओं का दर्द एवं दुर्लब्ता मिटती है। यह एक उच्च कोटि का टॉनिक है।

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तो आइये जाने इस प्रयोग के बारे में।

बथुआ के ताजा पत्तो का रस पंद्रह ग्राम प्रतिदिन पीने से गठिया दूर होता है। इस रस में नमक चीनी आदि कुछ न मिलाएं। नित्य प्रात: खाली पेट ले या फिर शाम चार बजे। इसके लेने के आगे पीछ दो-दो घंटे कुछ न लें। एक-दो मास ये प्रयोग करे।

विशेष सहायक उपचार।

आटा गूंधते समय उसमे बथुआ के पत्ते मिलाकर चपाती बनाये और दिन में एक समय खाए तो जल्दी लाभ होगा।

साभार – डॉक्टर अजीत मेहता। स्वदेशी चिकित्सा सार। 

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